मोहर्रम कमेटी अहलेसुन्नत व ब़ज्मे रहमत कमेटी बाराबंकी के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक अरविंद चतुर्वेदी को न्यूज़ 18 के एंकर अमीष देवगन पर ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की शान में गुस्ताखी करने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई व गिरफ्तारी के लिए सौंपा ज्ञापन
ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की शान में गुस्ताखी करने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई व गिरफ्तारी के लिए सौंपा ज्ञापन

 बाराबंकी.  मोहर्रम कमेटी अहलेसुन्नत व ब़ज्मे  रहमत कमेटी  बाराबंकी के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक अरविंद चतुर्वेदी को न्यूज़ 18 के एंकर अमीष देवगन  पर ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की शान में गुस्ताखी करने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई व गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन सौंपा। विगत दिनों न्यूज़ 18 के एंकर अमीष देवगन ने सुल्तानुल हिन्द गरीब नवाज की शान में उनको अक्रांता व लुटेरा कहकर जो गुस्ताखी की है  उसको हिंदुस्तानी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता। हिंदुस्तान की तारीख में यह पहला मौका है जब सोशल मीडिया ने हिंदुस्तान के रूहानी पेशवा की शान में गुस्ताखी की है।

  ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब का अजीम नुमाइंदे हैं जिनके दरबार में मुसलमानों के अलावा दूसरी कौम से लोग खासकर हिंदू भाई बड़ी तादाद से हाजिरी देते हैं। मीडिया के लोग इस हद तक गिर कर नफरतों की तब्लीग करेंगे, ऐसा कभी सोचा भी ना था। यह  भी याद रखा जाना चाहिए कि हिंदुस्तान के करोड़ों मुसलमान गरीब नवाज पर अपनी जान कुर्बान करते हैं लिहाजा इस नाजुक वक्त में जब कोविड-19 से करोड़ों हिंदुस्तानी जूझ रहे हैं और वह आर्थिक तंगी की कगार पर हं, मजदूर और कामगार तबका भूख और महरूमी से दम तोड़ रहा है। ऐसे माहौल में मुल्क फिरका परस्ती और नफरत की आग में झोंकने का काम चंद मौका परस्त व लालची  मीडिया के अफ़राद कर रहे हैं ।

 मोहर्रम कमेटी (अहलेसुन्नत) हुकुमते हिंदुस्तान को यह मशवरा देना चाहती है कि मुल्क अमन व शांति व खैर सगाली को बरकरार रखने के लिए इस किस्म की हरकतों और हरकत करने वालों पर सख्त पाबंदी लगाये और ग़ैर जानिबदार हुकूमत होने का सबूत फराहम करें। जैसा कि "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास" का नारा हुकूमत देती आई है तो ऐसे में हिंदुस्तान की दूसरी सबसे बड़ी एक अक्सरियत के जज्बे और अकीदतों को पामाल करना क्या मुल्क के दस्तूर के खिलाफ वर्जी नहीं है?  इस पर गौर करें 

 मोहर्रम कमेटी (अहलेसुन्नत) हुकुमते हिंदुस्तान से मांग करती है कि जिसके दरबार में हुकूत सरकारी चादर पेश कर अपनी अकीदत का इजहार करती है, उस अजीम सूफी और ना सिर्फ मुसलमानों बल्कि करोड़ों हिंदू धर्म के मानने वालों की आस्था के केंद्र ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की शान में गुस्ताखी करने और उनको "आक्रांता" और "लुटेरा" कहने वाले फिरका परस्त और नफरत की मानसिकता रखने वाले पत्रकार मनीष देवगन को गिरफ्तार करें और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें। 

 ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से मोहर्रम कमेटी (अहलेसुन्नत) के संरक्षक हाफिज इशरत अली अंसारी, मो. तैय्यब बब्बू, अध्यक्ष ताज बाबा राईन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उसामा अंसारी, महामंत्री मो. आसिफ  सभासद, किसान नेता शुऐब राईन, हफीज भारती, ऐनुद्दीन सभासद, मुजीबुद्दीन अंसारी, सलमान सल्लू , रईस अंसारी,  खुरशेद राईन, मो. नईम नेता, कारी अजीम साहब,  सरताज राईन, मो. आफाक, मो. जीशान गोलू, मो. साद,  हफीज सलमानी, शकील सलमानी,  जावेद राइन, मुन्नू मियां, मो. फैसल सभासद,  शेखू राईन, सिराजुद्दीन अंसारी, मकसूद अली उस्मानी आदि तमाम लोग रहे उपस्थित |