प्रदेश के नोएडा में कोरोना वायरस के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिले में गुरुवार को 22 नए मामले सामने आए हैं। यहां कुल सक्रिय केस की संख्या 187 पहुंच गई है।
नोएडा में कोरोना वायरस के 22 नए मामले सामने आए

Noida. प्रदेश के नोएडा (Noida) में कोरोना वायरस (covid-19) के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिले में गुरुवार को 22 नए मामले सामने आए हैं। यहां कुल सक्रिय केस की संख्या 187 पहुंच गई है। वहीं, अब तक कुल आठ लोगों की मौत हो चुकी है।

जानकारी के मुताबि​क, कोरोना पॉजिटिव लोगों में सेक्टर-31 निवासी 30 वर्षीय पुरुष, सेक्टर-19 निवासी 22 वर्षीय युवती, मार्डन महागुन निवासी 33 वर्षीय पुरुष, सेक्टर-20 निवासी 37 वर्षीय पुरुष, सेक्टर-36 निवासी 55 वर्षीय महिला, सेक्टर-40 निवासी 55 वर्षीय पुरुष, सेक्टर-49 निवासी 41 वर्षीय पुरुष, सेक्टर-50 निवासी 72 वर्षीय वृद्ध महिला, डेल्टा-1 ग्रेनो निवासी 46 वर्षीय पुरुष, सेक्टर-29 निवासी 48 वर्षीय पुरुष, सेक्टर-5 निवासी 40 वर्षीय महिला, भंगेल निवासी 22 वर्षीय युवती, ग्रेनो निवासी 44 वर्षीय महिला, बीटा-1 निवासी 36 वर्षीय पुरुष, गांव नगला चरण दास निवासी 20 वर्षीय युवक, ओमीक्रान ग्रेनो निवासी 24 वर्षीय पुरुष, सूरजपुर निवासी 30 वर्षीय पुरुष, चिटेहरा गांव निवासी 52 वर्षीय पुरुष, सेक्टर-48 निवासी 58 वर्षीय महिला, जिम्स होस्टल में रहने वाला 21 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मी, सेक्टर-17 निवासी 26 वर्षीय महिला भी शामिल है। संक्रमितों में कुछ कर्मचारी व अधिकारी नोएडा प्राधिकरण के भी बताए जा रहे हैं। 

निजी अस्पताल ही संदिग्ध को कराएगा क्वारैंटाइन

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. दीपक ओहरी की अध्यक्षता में निजी अस्पताल संचालकों व जिले के सभी कोविड-19 लैब प्रभारी के साथ बैठक हुई। बैठक में लैब प्रभारियों को कोविड-19 के तहत बनी गाइडलाइन से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि जिले में अब निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण की जांच होने पर संदिग्ध मरीजों को क्वारैंटाइन अस्पताल को ही कराना होगा। 

आइसीएमआर (ICMR) के मानकों के अनुसार लैब को सैंपल सेंटर बनाना होगा। इसके बिना नमूनों की जांच नहीं की जा सकेगी। इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई की भी बात कही गई है। लैब संचालकों को निर्देशित किया गया है कि आइसीएमआर से मान्यता प्राप्त लैब ही नमूनों की जांच करेंगी। नमूने किसी भी स्थान पर नहीं लिया जा सकता है। इसके लिए सैंपल सेंटर बनाना होगा। 

आईसीएमआर के मानकों को मानना होगा

सरकारी लैब में जांच की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग संदिग्ध मरीजों को क्वारंटाइन कराता है। इसके लिए मुफ्त व्यवस्था है। वहीं होटलों में भी क्वारंटाइन करने की व्यवस्था है। इसके लिए राशि ली जाती है। सभी अस्पताल और लैब को जांच के लिए आइसीएमआर के मानकों को मानना होगा। जांच के बाद बच्चे, गर्भवती, और वृद्ध ही होम क्वारंटाइन किए जा सकते हैं।

अन्य संदिग्ध मरीजों को क्वारंटाइन में रखना होगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें घर भेजा जा सकेगा। क्वारंटाइन करने की जिम्मेदारी निजी अस्पताल या लैब की होगी। इस व्यवस्था के बिना निजी लैब नमूनों की जांच नहीं कर पाएंगे। इसके अतिरिक्त संदिग्ध की जांच से पहले डॉक्टर द्वारा मरीज को कोविड जांच का प्रिस्क्रिप्शन मांगा जाए। रिपोर्ट पॉजिटिव और निगेटिव आने के बाद इसकी जानकारी विभाग से साझा की जाए जिससे मरीज को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराकर उसका उपचार शुरू कराया जा सके।

10 संदिग्ध मिले

जिला सर्विलांस ऑफिसर डॉ. सुनील दोहरे ने बताया कि मामूरा, हरौला, निठारी, सर्फाबाद, सेक्टर-8, 9, 10 सहित कुल 12 जगहों पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हुआ। 668 संदिग्धों की जांच की गई। 10 मरीजों में कोरोना संबंधित लक्षण मिलने पर उन्हें जांच के लिए रखा गया है।