जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने Covid हॉस्पिटल के सम्बंध में एक महत्वपूर्ण बैठक का किया आयोजन
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने Covid हॉस्पिटल के सम्बंध में एक महत्वपूर्ण बैठक का किया आयोजन

Lucknow.  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश द्वारा कोविड हॉस्पिटल के सम्बंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी, उप पुलिस आयुक्त सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेन्द्र अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी टी.जी विश्व भूषण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पूर्वी के.पी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रसाशन ए.पी सिंह, अपर जिलाधिकारी आपूर्ति, नगर मजिस्ट्रेट एवं समस्त सम्बन्धित चिकित्सालयों के चिकित्सक व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में दिए ये निर्देश :-

  • जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि शव को वाहन में प्रोटोकॉल के साथ रखने की जिम्मेदारी सम्बन्धित चिकित्सालय की होगी। इसकी सूचना नगर आयुक्त, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सम्बन्धित क्षेत्र के पुलिस थाना को देनी होगी।
  • जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि समस्त कोविड हॉस्पिटल एच.आर  और मटेरिअल की उपलब्धता को सुनिश्चित कराए।
  • के.जी.एम.सी ने बताया गया कि 3 डायलिसिस मशीनों की आवश्यकता है जिसकी कुल लागत 46 लाख है जिसके लिए बैठक में विचार किया गया। 
  •  संज्ञान में आया कि ई.एस.आई सरोजनी नगर में 45 मरीज एक्टिव कवारेन्टीन में हैं और पेशेंट परिसर में टहलने लगते हैं जिसके लिए सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए।
  • जिलाधिकारी ने कहा कि शत-प्रतिशत कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए अपनी सुरक्षा स्वयं करें। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित चिकित्सालय की जिम्ममेदारी होगी कि किसी मरीज को देखने जा रहे चिकित्सक स्वयं भी निर्धारित सुरक्षा किट का प्रयोग करें। 

  • जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी चिकित्सालय बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएं। चिकित्सालय इंर्चाज प्रतिदिन चिकित्सा व्यवस्था देखें और चिकित्सालय की शत-प्रतिशत साफ-सफाई, रोगियों को गुणवत्तापूर्ण आहार और अन्य सेवाएं मुहैया कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने साफ-सफाई के लिए प्रत्येक कोविड चिकित्सालयों को लखनऊ रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा मैकेनिकल क्लीनिंग एंड सैनिटाइजेशन किट सफाई उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
  • जिलाधिकारी ने कहा कि चिकित्सालयों ने जो भी मास्क, पी.पी सेट आदि की मांग की थी, उसे उपलब्ध करा दिया गया है।यदि किसी चिकित्सालय को सामग्री की  आवश्कता है तो मांग पत्र प्रस्तुत करें, उनको जल्द ही सभी वस्तुएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। 
  • उन्होंने बताया कि शव के निस्तारण के लिए जनपद से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। शव को निर्धारित बैग में रखने के बाद निर्धारित प्रोटोकाल के अन्तर्गत भेजने की जिम्मेदारी सम्बन्धित चिकित्सालयों की होगी। यदि शव वाहन उपलब्ध नहीं है तो उसकी व्यवस्था मुख्य चिकित्साधिकारी के द्वारा कराये जाने के साथ ही लावारिस शव के निस्तारण की व्यवस्था सम्बन्धित क्षेत्रीय पुलिस की होगी।
  • मुख्य चिकित्साधिकारी ने जिलाधिकारी को बताया कि मरीज के सैम्पलिंग के सातवें दिन यदि रिपोर्ट निगेटिव आ रही उस दिन से उसे एक टेस्ट बाद डिस्चार्ज कर दिया जायेगा।