लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley) में 20 सैनिकों के शहीद होने के बाद चीन (china) के खिलाफ पूरे भारत में चीन का बहिष्कार किया जा रहा है।
चीन को 3 कंपनियों से मिला झटका, महाराष्ट्र सरकार ने 5 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर लगाई रोक

Mumbai. लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley) में 20 सैनिकों के शहीद होने के बाद चीन (china) के खिलाफ पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, चीनी सामान का बहिष्कार किया जा रहा है। इस बीच महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra) ने चीन के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए तीन कंपनियों के प्रोजेक्ट पर फिलहाल रोक लगा दी है। 

बता दें कि राज्य सरकार ने ये रोक केंद्र सरकार (central government) से बातचीत के बाद लगाई है। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 5 हजार करोड़ रुपये की है। अब केंद्र सरकार की गाइडलाइन (Guidelines) आने के बाद इस पर कोई फैसला लिया जाएगा। 

और भी की प्रोजेक्ट्स पर खतरा

महाराष्ट्र सरकार ने जिन प्रोजेक्ट्स पर रोक लगाई है, उसमें पुणे से सटे तालेगांव में इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicle) की बड़ी फैक्ट्री भी है। ऐसा माना जा रहा है कि ये करीब 3500 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। ये कंपनी 1000 करोड़ का इनवेस्ट (investment of 1000 crores) करने वाली थी, जिसमें 1500 लोगों को रोजगार मिलने वाला था। 

हेंगली इंजीनियरिंग- इस कंपनी के साथ भी पुणे के तालेगांव में 250 करोड़ का निवेश करने का करार हुआ था जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना थी।

ग्रेट वॉल मोटर्स ऑटोमोबाइल- इस कंपनी ने सबसे ज्यादा निवेश करने का करार किया था। करीब  3770 करोड़ रुपये का निवेश होना था जिससे  2042 लोगों के लिए रोजगार मिलने की संभावना थी।

12 कपंनियों के साथ हुआ था करार

बताते चलें कि ये सभी करार 15 जून को हुए थे। महाराष्ट्र सरकार ने पिछले दिनों 12 करार (Memorandum Of Understanding) पर साइन किए थे। लेकिन अब सभी 3 चाइनीज कंपनियों के प्रोजेक्ट होल्ड कर दिए गए हैं, वहीं 9 प्रोजेक्ट के काम फिलहाल जारी रहेंगे। इसमें दूसरे देशों की कंपनियां शामिल हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से चीन के प्रोजेक्ट और आयात पर जानकारी मांगी थी। 

रेलवे ने भी चीन का किया बहिष्कार

उधर भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने भी चीन में बनी चीजें इस्तेमाल करने से इंकार कर दिया है। वहीं, चीन की कुछ कंपनियों के साथ कई करार भी रद्द कर दिए हैं। इस बीच, भारत सरकार घरेलू उत्‍पादों का निर्यात बढ़ाने की कोशिशों में जुट गई है। इसी के तहत वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce)  ने अलग-अलग देशों में घरेलू कंपनियों के लिए निर्यात के मौके तलाशने के लिए भारतीय मिशनों के साथ 1,500 प्रोडक्‍ट्स की सूची साझा की है।